पिथौरागढ़। विधायक मयूख महर, उनके समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीमांत जिले में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सरकार के खिलाफ धरना दिया। विधायक ने मेडिकल कॉलेज को मान्यता न मिलना सरकार की विफलता बताया। उन्होंने कहा कि सरकार सीमांत जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए गंभीर ही नहीं है। सोमवार को विधायक मयूख महर ने अपने समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट के बार धरना देते हुए कहा कि कहा कि सरकार प्रदेश के साथ ही सीमांत जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का झूठा दावा कर रही है। अब भी जिले के अस्पताल रेफर सेंटर बनकर रह गए हैं। सरकार ने इसी सत्र से मेडिकल कॉलेज का संचालन शुरू करने का दावा किया था। फैकल्टी सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं पूरी न होने से एनएमसी ने इसे मान्याता न देकर सरकार की कार्यशैली और झूठे दावों पर सवाल खड़े किए हैं। बेस अस्पताल में न तो विशेषज्ञों की नियुक्ति हुई और ना ही ओटी, लैब का निर्माण। जमीन धंसने से भवनों में दरारें आनी लगी हैं। ऐसे में यह अस्पताल भविष्य में किसी बड़ी घटना का कारण बन सकता है। आईसीयू के संचालन के लिए सरकार जरूरी स्टाफ की नियुक्ति नहीं कर सकी है। कागजों में जिले में विशेषज्ञ तो भेजे जा रहे हैं लेकिन वे यहां तैनाती नहीं ले रहे हैं। ऐसे में साफ है कि सरकार कागजों में ट्रांसफर इंडस्ट्री चला रही है। सस्ते इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में पहुंचे मरीजों को बाहर से दवा लिखकर उनका दर्द बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह सरकार की नाकामी को जनता के सामने लाएंगे। जनता के हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी। धरना देने वालों में यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव ऋषेंद्र महर, निशिद उप्रेती सहित कई लोग मौजूद रहे।