पिथौरागढ़ जिले के सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने बैठक के बाद मानदेय, लंबित बिलों के भुगतान सहित अन्य मांगों के लिए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार से उन्हें हर बार झूठे आश्वासन मिले हैं। न तो उन्हें मानदेय मिल रहा है और ना ही लंबित बिलों का भुगतान हो रहा है। विक्रेताओं ने कहा कि अब वे झांसे में नहीं आएंगे और राशन नहीं बांटेंगे। उन्होंने जल्द मांगें पूरी न होने पर सितंबर से सस्ता गल्ला की दुकानों में ताला लगाकर राशन वितरण बंद करने का एलान किया। शनिवार को जिले भर के सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने संघ के जिलाध्यक्ष मनोज पांडे के नेतृत्व में नगर के एक निजी होटल में बैठक की। इसके बाद सभी ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से मानदेय, लंबित बिलों के भुगतान, गोदामों से राशन तौलकर दिए जाने और लाभांश का भुगतान करने की मांग कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि पूर्व में हुए आंदोलन को सरकार और प्रशासन ने जल्द मांगें पूरा करने का आश्वासन देकर स्थगित कराया लेकिन उनकी मांगें पूरी नहीं हो सकीं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के लंबित बिलों का भी अब तक भुगतान नहीं किया गया है। विक्रेताओं ने कहा कि जब सरकार उन पर ऑनलाइन राशन बांटने का दबाव बना रही है तो उन्हें बिलों का भुगतान भी ऑनलाइन होना चाहिए। गोदामों से राशन तौलकर न मिलने पर इसे ऑनलाइन बांटने से उन्हें नुकसान झेलना पड़ रहा है।