नगर निगम श्रीनगर की शनिवार को बोर्ड बैठक थी जिसमें बजट पर चर्चा और बजट पास होना था, लेकिन बैठक में नगर आयुक्त नहीं पहुंची, मेयर का कहना है कि मेरे द्वारा नगर आयुक्त को कॉल भी किया गया लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाया। मेयर आरती भंडारी का कहना है कि वह श्रीनगर के विकास के लिए तत्पर है,। कहा कि जब से मैंने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया तब से ही मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है। सबसे पहले मेरा नामांकन पत्र रद्द करने के लिए तमाम कोशिश की गई। मेयर का कहना है कि यह कार्य किसी की शह पर हो रहा है। निगम के हर कार्य पर व्यवधान पैदा किया जा रहा है, जो कि उनकी महिला विरोधी सोच उजागर करता है। मेयर आरती भंडारी का कहना कि शहर में स्वच्छता, शहर में अतिक्रमण, गौवंशों को गौशाला पहुंचना जैसे तमाम विकास कार्यों को करने का कार्य कर रही हूं।नगर आयुक्त का इस प्रकार का काम विकास विरोधी है, आज बिना बताए बोर्ड बैठक में ना आना यही दर्शाता है। किसकी शह पर पर यह हो रहा है, यह सबको पता है, वह अपने चहेतों की हार बर्दाश्त नहीं कर पा रहे है, तो आप अपने चहेते कैंडिडेट को ही मेयर बना दें, मेरा आपसे निवेदन है ताकि विकास कार्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव ना पड़े। एक महिला को इस प्रकार प्रताड़ित करना शोभा नहीं देता, आज मन बहुत दुःखी है।