उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को रद्द करने के लिए शुक्रवार तल्लीताल आंबेडकर पार्क में कई संगठनों ने धरना दिया। पहलगाम में आतंकी हमलों में मरने वालों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद जुलूस निकालकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन कुमाऊं कमिश्नर कार्यालय में दिया गया। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि 27 जनवरी 2025 से उत्तराखंड में यूसीसी लागू हो गया है। इसके तहत उत्तराखंड में एक वर्ष से रह रहे लोगों को विवाह, तलाक और लिव इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य है। 18 वर्ष से 100 वर्ष तक के लोगों के लिए 44 कॉलम वाले 16 पेज का फॉर्म भरना अनिवार्य होगा। पंजीकरण न कराने वालों को जन कल्याणकारी योजनाओं से वंचित कर दिया जाएगा। कहा कि सरकारी कर्मचारियों को पंजीकरण न कराने पर वेतन रोकने को कहा जा रहा है। धरने पर नैनीताल पीपुल्स फोरम, वन पंचायत संघर्ष मोर्चा, इंकलाबी मजदूर केंद्र, भाकपा-माले, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, परिवर्तनकामी छात्र संगठन समेत 12 संगठन शामिल रहे। यहां दिनेश उपाध्याय, मुनीष, रोहित रोहल्ला, माया चिलवाल, मुन्नी तिवारी, हेमा जोशी, इंद्रेश मैखुरी, गोपाल लोधियाल, भावना पांडे, पुष्पा, दीप पांडे, कैलाश पांडे, चंदन, त्रिभुवन, हरीश पाठ, मनमोहन सिंह पारिजात आदि मौजूद रहे।