उपनल कर्मचारियों के सोमवार से नियमितीकरण समेत विभिन्न मांगों के लिए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने से सुशीला तिवारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बेपटरी हो गईं। इससे मरीजों के साथ ही तीमारदार भी हलकान हो गए। वैकल्पिक व्यवस्था के बावजूद तीमारदारों को बिलिंग काउंटर समेत अन्य जगह छोटे-छोटे कार्यों के लिए घंटों लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा। इसके बाद भी जब बारी नहीं आई तो कई मरीज बैरंग लौट गए। एसटीएच और मेडिकल कॉलेज में 659 उपनलकर्मी पिछले कई वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। सोमवार से सभी के हड़ताल पर जाने से एसटीएच में पर्चा बनाने, बिलिंग, फार्मेसी, लैब टेस्ट, दवा वितरण, क्लीनिकल और नॉन-क्लीनिकल स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई। नियमित कर्मचारियों पर दबाव पड़ने से मरीजों और तीमारदारों को अलग-अलग काउंटरों पर कतार में खड़े रहना पड़ा। समय पर पर्चे न बनने और बिलिंग न होने के कारण मरीजों को भर्ती और डिस्चार्ज करने में दिक्कतें हुई। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से हड़ताली कर्मचारियों से वार्ता नहीं की गई है। मंगलवार से व्यवस्थाएं और प्रभावित होने की आशंका है।