दिल्ली, मुंबई समेत अन्य शहरों में बढ़ते प्रदूषण से परेशान होने के बाद सुकून के लिए पर्यटकों के पहाड़ों का रुख करने से अनियंत्रित पर्यटन कई मुश्किलें खड़ी कर रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में वाहनों का बढ़ता दबाव हवा की गुणवत्ता पर बुरा असर डाल रहा है। हजारों की संख्या में पर्यटक वाहनों के आने से कैंची धाम में नॉन मीथेन हाइड्रोकार्बन का स्तर 50 पीपीबी (पार्ट्स पर बिलियन) पहुंच गया है। यह आंकड़ा हल्द्वानी शहर की तुलना में करीब दोगुना है। एरीज (आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान) के शोध में यह खुलासा हुआ है।