नैनीताल में उत्तराखंड के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए, सोमवार को प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने पटवाडागर में कुमाऊं विश्वविद्यालय के मेरू परिसर का शिलान्यास किया। इस नवीन परिसर का निर्माण केंद्र सरकार की पीएम ऊषा मेरू योजना के तहत प्राप्त अनुदान और राज्य सरकार की ओर से स्वीकृत भूमि पर किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत परिसर में दो अत्याधुनिक अकादमिक ब्लॉक के निर्माण के साथ ही एक पूर्णतः आधुनिक परिसर विकसित किया जाएगा। उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद के सभागार में आयोजित कार्यक्रम उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह विश्वविद्यालय शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ राज्य को अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप, आयुष, जैव प्रौद्योगिकी और आधुनिक विज्ञान के क्षेत्र में एक नई वैश्विक पहचान दिलाएगा। परिसर की एक मुख्य विशेषता यहां प्रस्तावित हिमालयी औषधीय पौधों और वेलनेस लाइफस्टाइल पर होने वाला शोध कार्य है। डॉ. रावत के अनुसार यह शोध न केवल वैश्विक विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में भी मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा राज्य के विश्वविद्यालयों को केवल डिग्री बांटने तक सीमित न रहकर नवाचार, स्वरोजगार और बहुविषयी शिक्षण के उन्नत केंद्रों के रूप में विकसित होना चाहिए। उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा परिसर में एक नवनिर्मित उद्यान का लोकार्पण भी किया गया।नैनीताल विधायक सरिता आर्या ने परिसर के लिए भूमि उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया, वहीं पूर्व सांसद महेंद्र पाल ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए पटवाडागर परिसर के चयन की सराहना की। कहा यह नया केंद्र आने वाले समय में हिमालयी संसाधनों के वैज्ञानिक संरक्षण और विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत के अनुसार, यहां 26.23 करोड़ की लागत से दो अकादमिक ब्लॉक, छात्र-छात्रा छात्रावास और चार नए उत्कृष्टता केंद्र (एडवांस कम्प्यूटिंग, हिमालयन मेडिसिनल प्लांट्स, बायोमेडिकल साइंस व नैनोटेक्नोलॉजी) स्थापित होंगे। यह परियोजना अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक शिक्षण को नई दिशा देगी। इस मौके पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवकी बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य हिमांशु पांडे, उत्तराखंड सरकार में दायित्वधारी अनिल कपूर डब्बू, शांति मेहरा, दिनेश आर्या, पूर्व विधायक महेश नेगी, प्रभारी कुलसचिव राकेश विश्वकर्मा, वित्त नियंत्रक कमलेश भंडारी, प्रो. महेंद्र राणा, प्रो. ललित तिवारी आदि थे, कार्यक्रम का संचालन प्रो. दिव्या उपाध्याय ने किया।