नैनीताल जिला विकास प्राधिकरण की ओर से पंतनगर विवि के मत्स्य विभाग के सहयोग से नैनीझील के पुनर्जीवन तथा पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के लिए बीते लगभग 18 वर्षों से पहल की जा रही है। इससे झील में आक्सीजन स्तर समेत अन्य मानक बेहतर हुए हैं। झील में मछलियों की संख्या भी इसका प्रमाण है। शुक्रवार को भी नैनीझील में पांच हजार मछलियों के बीज डाले गए। बीते दो वर्षों में अब तक 50 हजार मछलियों के बीज डाले जा चुके हैं। पंतनगर विवि के डाॅ. आशुतोष मिश्रा के नेतृत्व में तल्लीताल फांसी गधेरा स्थित सेंट जोसेफ बोट स्टैंड से मछलियों के बीज डाले गए। डाॅ. मिश्रा ने बताया कि इसमें सिल्वर कार्प, गोल्डन महाशीर, लीवो डायचिलस, छगुनिया आदि मछलियों के बीज हैं। ये सभी मछलियां झील के लिए अच्छी हैं। इस मौके पर जिला विकास प्राधिकरण के अभियंता विपिन कुमार, ग्लोबल एक्वा के निदेशक हरपिंदर सिंह रंधावा, प्रोजेक्ट मैनेजर आनंद सिंह कोरंगा, रिया त्रिवेदी, ह्यात सिंह बोहरा, बीना भोज, पूरन तिवारी आदि रहे।