भारत सरकार के फिशरी सचिव डॉ. अभिलक्ष्य लेखी ने शनिवार को भीमताल के केंद्रीय शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान का निरीक्षण कर किसानों के साथ संवाद किया। उन्होंने डीसीएफआर के माध्यम से किसानों को दी जा रही मत्स्य पालन को लेकर जानकारी ली। साथ डीसीएफआर में किसानों के लिए संरक्षित की जा रही मछलियों को देखा। सचिव लेखी ने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याओं को भी सुना। सचिव ने कहा कि उत्तराखंड के किसान मत्स्य पालन से अपनी आजीविका मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम समेत अन्य राज्यों कोल्ड वाटर मछली का उत्पादन किया जाता है। लेखी ने कहा कि किसान रेनबो ट्राउट मछली का उत्पादन कर अधिक दाम कमा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में 184 लाख टन मछली का उत्पादन किया जाता है। साथ ही कहा कि आईसीआर की संस्था डीसीएफआर की ओर से किसानों को मत्स्य पालन से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक विधि का लाभ लेकर अधिक से अधिक मत्स्य पालन करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान संस्थान के निदेशक डॉ. अमित पांडे आदि मौजूद रहे।