उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद के क्षेत्रीय केंद्र पटवाडांगर में किसानों को मॉडर्न व स्मार्ट खेती करने के तरीके बताए गए।उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती के मौके पर शुक्रवार को हुई गोष्ठी में निदेशक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि किसान व्यवसाय को छोटे स्तर पर शुरू कर आगे चलकर अपनी आय कई गुना बड़ा सकते हैं। उन्होंने पटवाडांगर केंद्र में संचालित विभिन्न शोध परियोजनाओं व पॉलीहाउस में विकसित की जा रही विभिन्न प्रजाति की सब्जियां व पालक के बार में बताया। कहा कि एक किसान खेती के साथ ही आसानी से मौन पालन, मछली पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन व मशरूम उत्पादन कर अपनी आय बढ़ा सकता है। पंतनगर विवि मत्स्य विभाग के डॉ. आषुतोष मिश्रा व मधुमक्खी पालन विशेषज्ञ संजीव जोशी ने पहाड़ी क्षेत्रों में पानी की कमी के बावजूद विकसित की गई नई तकनीकों से मत्स्य पालन, मशरूम उत्पादन व मधुमक्खी पालन के तरीके बताए। पंतनगर विवि के निदेशक संचार डॉ. जेपी जायसवाल ने प्लांट टिश्यू कल्चर से पौधे को विकसित करने की जानकारी दी। इस दौरान पटवाडांगर संस्थान के प्रभारी डॉ. सुमित पुरोहित, ग्राम प्रधान प्रेमा बर्गली, विनीता बोरा, महक बेलवाल, प्रीती बहुगुणा, शुभांगी रौतेला, अजय सिंह, काजल, नलिनि, मानसी, नितिन, सौरभ व किसान मौजूद थे।