चोरी करना अपराध है, जिसकी सजा कानून दे सकता है लेकिन भगवान के घर में चोरी करने के पाप की सजा कानून के साथ ही ईश्वर भी देता है। शायद इसी धारणा को मानते हुए मंदिरों के कपाटों पर कभी ताला नहीं लगाया जाता। अब इसे दुस्साहस कहें या मजबूरी... कि एक युवक ने मंदिर में चोरी कर डाली, लेकिन यह चोर शायद दिल का थोड़ा साफ था, जिसने चोरी से पहले हाथ धोए, अपनी चप्पलें उतारीं, भगवान को प्रणाम किया और फिर मंदिर से मूर्ति, लोटा, घंटी और अन्य सामान चुरा लिया। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है।