समसामयिक मुद्दों पर युवा संसद में पक्ष और विपक्ष में देखने को मिली तीखी बहस । एसएमजेएन पीजी कॉलेज में आतंरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ व राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा युवा संसद का आयोजन किया गया, जिसमे देश के ज्वलंत मुद्दों पर प्रतिपक्ष और सत्ता पक्ष के छात्र सांसदों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। युवा संसद के माध्यम से छात्र छात्राओं को संसदीय परंपराओं के निर्वहन का संदेश भी दिया गया। युवा संसद में 80 प्रतिशत से अधिक भागीदारी छात्राओं की रही। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर सुनील कुमार बत्रा ने अपने संदेश में कहा कि लोकतंत्र में संसदीय परंपराओं का वही स्थान है जो कि व्यक्ति के शरीर में हृदय का होता है। आज आयोजित इस युवा संसद में रेल मंत्री की भूमिका निर्वहन कर रही मानसी ने संस्कृत में शपथ ली। युवा संसद में पर्यावरण मंत्री तथा विपक्ष के सांसदों के बीच उच्च स्तरीय बहस देखने को मिली। विपक्षी सांसद अमन पाठक ने पर्यावरण संरक्षण तथा राष्ट्रीय नदी गंगा पर सरकार की नीतियों को लेकर सवाल किया तो सरकार की ओर से पर्यावरण मंत्री की भूमिका निर्वहन कर रही ज्योति झा ने सरकार की पर्यावरण की नीतियों तथा गंगा संरक्षण के लिए उठाए गए कदम को सराहनीय बताया। युवा संसद में विपक्षी सांसद दिव्यांशु गैरोला ने आगामी कुंभ को लेकर सरकार से सवाल किया। गृह मंत्री पिंकी वर्मा ने विपक्ष को सकारात्मक रुख अपनाने की अपील की। उक्त युवा संसद में दिव्यांशु नेगी ने सरकार की प्रदूषण प्रतिषेध नीति की कड़ी आलोचना की। उन्होंने सदन का ध्यान दिल्ली के बढ़ते वायु प्रदूषण की ओर आकृष्ट किया। विपक्षी सांसद रवीना नेगी ने नए लेबर कोड बिल की कड़ी आलोचना की। जिसका जवाब श्रम मंत्री साक्षी राणा ने शेर के माध्यम से दिया। उन्होंने कहा कि 'माना कि तेरी दीद के काबिल नहीं मैं। तू मेरा शौक तो देख, मेरा इंतजार तो देख। विपक्षी सांसद जोया हसन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की कड़ी आलोचना की। जिसका जवाब शिक्षा मंत्री प्रतिमा अंगिरा बखूबी दिया।