चंद्रग्रहण खत्म होने के बाद आज सुबह 4.30 बजे ब्रह्म मुहूर्त में शुद्धिकरण के बाद चारों धामों के कपाट खोल दिए गए। ग्रहण काल समाप्त होने के बाद सुबह से हर की पैड़ी पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में दान और पूजा कर अपने लिए मनोवांछित फल की कामना की।