मशहूर कुमाऊंनी गायक बीके सामंत ने अपने गीत छुट्टी न मिलनी सुवा... के माध्यम से सैनिकों के दर्द को उजागर किया है। पहली बार ऐसा मौका है जबकि देश की सीमा की निगहबानी करने वाले सिपाही इस गाने में दिखाई जाएंगे। इस गीत की शूटिंग आदि कैलाश, ऊं पर्वत, गुंजी, नाबीढांगी आदि स्थानों में हुई। गाने की शूटिंग के लिए पहली बार डिफेंस मिनिस्ट्री और सेना हेडक्वार्टर ने शूटिंग के लिए अनुमति दी है। गायक सामंत ने चंपावत के बलिदानी सैनिक शिरोमणि चिलकोटी से प्रेरणा लेकर इस गाने को शूट किया है। गाने के माध्यम से सेना में सैनिक के जीवन का मार्मिक चित्रण किया है। गाने को बनाने, कंपोज आदि करने पर करीब तीन माह का समय लगा है। इसमें करीब 18 लाख रुपये खर्च हुए हैं। गायक सामंत मूल रूप से लोहाघाट के सिंगदा के रहने वाले हैं। इससे पहले उनके सुपरहिट थल की बाजार गाना भी लोगों ने खूब सराहा था। सामंत लगातार कुमाऊं की समस्याओं को बड़ी खूबसूरती के साथ अपने गाने में पिरोते हैं। इधर बलिदानी सैनिक के पुत्र जर्नादन चिलकोटी ने बताया कि निश्चित तौर पर यह गाना सेना के जवानों के जीवन पर आधारित है। 1965 के युद्ध में पिता बलिदानी हो गए थे। मां ने लालन पालन किया। ऐसे उतार-चढ़ाव कई जवानों के जीवन में आते हैं। छुट्टी न मिलनी सुवा... मार्मिक गीत बलिदानी जवानों के लिए एक श्रद्धांजलि है।