चंपावत जिला मुख्यालय में वन विभाग की ओर से वनाग्नि नियंत्रण एवं आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया। वन पंचायत सभागार में वन पंचायत के सरपंचों, एसडीआरएफ, पुलिस को वनाग्नि की रोकथाम को लेकर जानकारी दी गई। कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही वनाग्नि की घटनाओं को रोका जा सकता है। बुधवार को डीएफओ नवीन चंद्र पंत ने विकासखंड स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला में सरपंचों से फायर सीजन के दौरान वनों को आग से बचाने की अपील की। इस दौरान शीतलाखेत अल्मोड़ा से आए मास्टर ट्रेनर राजेंद्र पाठक ने प्रशिक्षण दिया और बताया कि किस तरह से वनाग्नि की घटनाओं को रोका जा सकता है। संचालन एसडीओ नेहा चौधरी सौन ने किया। इस मौके पर रेंजर डीसी जोशी, डिप्टी रेंजर चतुर सिंह, वन दरोगा मोहित चौड़ाकोटी, राजेंद्र पांडे, घनश्याम फुलारा, सुंदर सामंत, वन वीट अधिकारी भुवन भट्ट, हरीश जोशी, बलवंत भंडारी, भूपाल रावत, कुंवर सिंह, मोहन तिवारी, निशा मेहता आदि मौजूद रहीं।