पोखरी ब्लाक के सेमी गांव में दशकों से पानी की समस्या गंभीर बनी हुई है। इस कारण गांव में रिश्तेदारों का आना-जाना कम हो गया है। ग्रामीण बताते हैं कि रिश्तेदार गांव आने से पहले पानी की उपलब्धता के बारे में पूछते हैं। पानी न होने पर वे आने से मना कर देते हैं। जल संस्थान के अधिकारियों को कई बार सूचित करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। पहले गांव में 50 से अधिक परिवार रहते थे। पानी की कमी के कारण 28 से अधिक परिवार पलायन कर गए हैं। अब गांव में केवल बुजुर्ग, महिलाएं और कुछ युवा ही बचे हैं। सेमी के लिए बेडगुंडा और तुंगनाथ के आस पास प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी की आपूर्ति होती है। इस योजना से खासखाल, ब्रह्मखाल और सरमोला सहित चार गांवों को पानी मिलता है। बचपन से अभी तक केवल पानी ही ढो रहे हैं। जल संस्थान के अधिकारियों को कई बार सूचित करने के बाद भी गांव में पांच छह दिन में पानी आता है। पानी के चलते गांव से पलायन हो गया है।