पौणा नृत्य व रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ नंदप्रयाग में दो दिवसीय पौराणिक एवं सांस्कृतिक बैसाखी मेला शुरू हो गया है। मेले में विभिन्न गांवोंं की महिला मंगल दल और स्कूली छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। नंदप्रयाग के खेल मैदान में जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट और नगर पंचायत अध्यक्ष पृथ्वी सिंह रौतेला ने संयुक्त रुप से मेले का शुभारंभ किया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि मेले संस्कृति के द्योतक होते हैं। मेला अध्यक्ष पृथ्वी सिंह रौतेला ने कहा कि 2016 के बाद से किन्हीं कारणों से मेले का आयोजन नहीं हो पाया। दस साल बाद फिर से मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले को भव्य रुप दिया जा रहा है। मेले में महिला मंगल दल नंदप्रयाग, भेरणी, सोनला की महिलाओं ने गंगा जी को देशा, मेरु गढ़देश हो.., कख हरची होला रीति-रिवाज पुराना.., कन प्यारा लगदा गौं घर, कनु स्वाणु दिखेंद हिंवाल, कन भली हमारी बोली-भाषा, कन भलु कुमौं-गढ़वाल.., जय नंदा, यु मासी को फूल.., कांधी मां धरेली राधा, खेरी की गिंजाली राधा.., सावन विराजा मेरा पहाड़ मां..आदि गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी। मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या में जागर गायिका पम्मी नवल ने अपने गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी। इस मौके पर मेलाधिकारी/अधिशासी अधिकारी शिखर सिंह, मेले के कोषाध्यक्ष डॉ. सौरभ वैष्णव, उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह बिष्ट, प्रधान संगठन के प्रदेश मीडिया प्रभारी महावीर सिंह रावत, सभासद विनीता, श्याम मुनियाल, गीता डुंगरियाल, अनसूया उनियाल, जिला पंचायत सदस्य सरोजनी देवी, विपिन फरस्वाण, संतोषी, रेखा, राइंका के प्रधानाचार्य हरेंद्र बिष्ट आदि मौजूद रहे। संचालन वेद रयाल और दुर्गा रौतेला ने संयुक्त रुप से किया।