चमोली जनपद के सीमांत नीती घाटी में न्याय पंचायत मलारी के अंतर्गत आने वाली 11 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों और ग्राम सभाओं के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को छह सूत्री ज्ञापन सौंपकर सीमांत क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (वीबी-जीरामजी) के कार्यों को ऑफलाइन कराने की अनुमति देने की मांग की गई है। साथ ही राजस्व उपनिरीक्षक की प्रत्येक माह 15 दिनों तक मलारी में उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई। जनप्रतिनिधियों ने पीएचसी भापकुंड, जेलम और बाम्पा को टाइप-डी में अपग्रेड कर वहां नर्सिंग अधिकारी एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती करने, मलारी न्याय पंचायत के सभी गांवों में एचडीपीई पाइपलाइन की व्यवस्था करने तथा नीति घाटी के अंतिम गांव नीति तक उत्तराखंड परिवहन निगम की नियमित बस सेवा संचालित करने की मांग की।