बागेश्वर। पंडित बीडी पांडेय परिसर में प्रवेश के लिए सीट बढ़ाने और समर्थ पोर्टल खुलवाने की मांग के लिए चल रहा आंदोलन हंगामे में बदल गया। धरने के दौरान तीन छात्र पेट्रोल की बोतल हाथ में लेकर परिसर के गेट पर चढ़ गए। आधे दिन तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। कैंपस प्रशासन के मनाने के बाद छात्र नीचे उतरे। विद्यार्थियों ने मांग पूरी होने तक संघर्ष करने की चेतावनी दी। मंगलवार की सुबह दस बजे से पूर्व ही एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया था। कुछ देर तक विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय और परिसर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसी दौरान छात्र नेता प्रेम दानू, राहुल कुमार और नीरज जोशी अचानक से परिसर के प्रवेश द्वार पर चढ़ने लगे। उनकी हाथों में प्लास्टिक की बोतलें थीं, जिनमें पेट्रोल भरा हुआ था। विद्यार्थियों के इस कदम से वहां तनाव का माहौल बन गया। हालांकि तीनों छात्र गेट के ऊपर चढ़कर बैठ गए और मांग पूरी करने के लिए नारेबाजी करने लगे। करीब पांच घंटे तक तीनों विद्यार्थी गेट के ऊपर ही जमे रहे। वहीं कॉलेज गेट के बाहर बाकी छात्र-छात्राओं का धरना चलता रहा। इस दौरान निदेशक और अन्य प्राध्यापक बारी-बारी से विद्यार्थियों को समझाने का प्रयास करते रहे। आखिरकार तीन बजे बाद तीनों छात्र नीचे उतरे और परिसर प्रशासन ने राहत की सांस ली। इस मौके पर प्रकाश वाच्छमी, प्रीति, सुमित, हेमा कोश्यारी, कैलाश नाथ, सागर, हरीश नेगी समेत अन्य विद्यार्थी मौजूद रहे।