उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने समेत अन्य मांगों को लेकर मुखर हो गए हैं। आंदोलनकारियों ने जिला कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। डीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजकर समस्याओं का निदान कराने की मांग की। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक गैरसैंण में स्थायी राजधानी नहीं बनेगी तब तक पर्वतीय राज्य के नाम पर लड़ी गई लड़ाई सार्थक नहीं होगी। उन्हाेंने लोकसभा और विधानसभा सीटों के परिसीमन में जनसंख्या के आधार पर जिलों का सीमांकन कराने की मांग की। आंदोलनकारियों ने पिंडर, सरयू और रामगंगा नदी के जलागम क्षेत्र को पृथक विधानसभा क्षेत्र बनाने, दशौली, थराली, मुनस्यारी, देवाल, कपकोट विकासखंडों को लोकसभा क्षेत्र में शामिल करने, कार्बेट नेशनल पार्क की भूमि को जिला पंचायतों को हस्तांतरित करवाने, सस्ते गल्ले की दुकानों में केरोसीन उपलब्ध कराने, राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी विभागों में 10 फीसदी आरक्षण देने, पेंशन देने और मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा सुविधा उचित करवाने की मांग की है। इस मौके पर भुवन कांडपाल, राजेंद्र सिंह, लीलाधर पंडा, मोहन सिंह, रमेश पांडेय कृषक, पूरन सिंह, दीपक सिंह आदि मौजूद रहे।