बागेश्वर जिले के कांडा में शारदीय नवरात्र की पंचमी को कांडा के धौलीनाग मंदिर में विशाल मेला लगा। मेले में 22 हाथ लंबी चीड़ की लकड़ी की मशाल आकर्षण का केंद्र रही। मशाल के दर्शन के लिए 22 गांवों से श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने भगवान धौलीनाग को खीर का भोग लगाया। रात में देव डांगर अवतरण, मशाल से मंदिर की परिक्रमा सहित भजन कीर्तन हुए। धौलीनाग देवता का मंदिर विजयपुर से डेढ़ किमी दूर पहाड़ी पर है। शनिवार देर शाम मण गोपेश्वर गांव से ग्रामीण चीड़ के छिलकों की मशाल के साथ आठ किमी पैदल चलकर मंदिर पहुंचे। पोखरी गांव से देव डांगर ख्याली चंदोला और अन्य भक्तों के मंदिर में आने के बाद मशाल को प्रज्वलित की गई। दास रमेश राम और साथियों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर देव अवतरण कराया। विशाल मशाल को लेकर भक्तों ने धौलीनाग मंदिर की परिक्रमा की। बारी-बारी से धपोलासेरा, कांडा, पोखरी, खंतोली, मिथुनकोट, विजयपुर, ढपटी आदि गांवों से आए ग्रामीणों ने मंदिर की परिक्रमा की। व्यापारियों ने भी मंदिर के बाहर मैदान में दुकानें सजाईं। सुबह चार बजे तक मंदिर में पूजा कार्यक्रम चलता रहा।