अल्मोड़ा में भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में कृषि संरचनाओं और पर्यावरण प्रबंधन में प्लास्टिक इंजीनियरिंग पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना की 21 वीं वार्षिक कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कांत ने कहा कि संस्थान अपनी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए देश भर में जाना जाता है। उपमहानिदेशक भाकृअनुप नई दिल्ली डॉ. एसएन झा ने कहा कि इस तीन दिवसीय कार्यशाला में आने वाले वर्ष के लिए अनुसंधान योजनाएं बनाई जाएंगी। केंद्रों में परीक्षण के बाद इन तकनीकियों को किसानों को हस्तांतरित किया जाएगा। विकसित भारत में अभियांत्रिकी का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने उत्तराखंड में कदंन कृषि प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने पर भी बल दिया। सहायक महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद डॉ. के. नरसैय्या ने प्लास्टिक, ई-वेस्ट के जिम्मेदारीपूर्वक निस्तारण और हाईटेक फार्मिंग पर शोध करने पर जोर दिया। वहां डॉ. नचिकेत रहे।