उत्तराखंड में हो रहे 38वें राष्ट्रीय खेलों की अलख जगाने के लिए निकाली जा रही तेजस्विनी मशाल शुक्रवार को अल्मोड़ा पहुंची। यहां मशाल और शुभंकर का स्वागत करने के लिए भारी जन सैलाब उम्रड़ा। सांस्कृतिक दलों की शानदार प्रस्तुतियों के बीच मशाल को लेकर पूरे शहर में जुलूस निकाला गया । अधिकारियों और खिलाड़ियों के साथ ही बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी भी इस दौरान मौजूद रहे। जिला अधिकारी ने कहा कि उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन बेहद गौरवशाली लक्षण है। गौरतलब है कि जनवरी के अंतिम सप्ताह से लेकर फरवरी तक उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन किया जाना है। खेलों के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए तेजस्विनी मशाल और खेलों के प्रतीक शुभंकर को लेकर विभिन्न जिलों में मशाल के साथ जुलूस निकाले जा रहे हैं। पिथौरागढ़ से होते हुए पनार से अल्मोड़ा में प्रविष्ट हुई। जहां खेल विभाग के अधिकारियों ने उसे रिसीव किया। मशाल को अल्मोड़ा लाया गया जहां जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा और मुख्य विकास अधिकारी दीवेश शाशनी आदि अधिकारी और अंतर्राष्ट्रीय धावक सुरेश पांडे समेत बड़ी संख्या में खिलाड़ी भी स्वागत करने पहुंचे। मशाल कोमाल रोड होते हुए शहर के विभिन्न बाजारों में ले जाया गया खत्याड़ी में महिलाओं ने कुमाऊंनी पारंपरिक पोशाक पहनकर तिलक करते हुए शुभंकर का स्वागत किया ।मशाल जुलूस के साथ ढोल दमौं की थाप और छोलिया नृत्य की प्रस्तुति करते हुए सांस्कृतिक कलाकारों की टोलियां भी साथ चल रही थीं। विभिन्न बाजारों से होते हुए मशाल और शुभंकर को हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम में लाया गया। यहां भी भारी जनसैलाब एकत्र था।इस दौरान जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने कहा कि उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन होना प्रदेश और प्रदेशवासियों के लिए बड़े गौरव की बात है। इससे यहां खेलो को बढ़ावा मिलने के साथ ही खेल प्रतिभाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।