फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sambhal हिंसा के एक साल बाद क्या-क्या बदला? जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई थी हिंसा

उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल को एक वर्ष पूरा हो गया है। इस एक वर्ष के पूरा होने पर कोई जश्न या शोक सार्वजनिक न मनाए इसको लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क है। जामा मस्जिद के आसपास ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई।

संभल के DM राजेंद्र पेंसिया का कहना है कि, "यह हमारे रेगुलर एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसेस का हिस्सा है, जिसमें पूरी पुलिस और एडमिनिस्ट्रेटिव टीम शामिल होती है जो रेगुलर तौर पर फ्लैग मार्च करती है। वे ऐसा सुबह और शाम को करते हैं। ये मार्च लोकल लेवल पर भी होते हैं, जिसमें डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर भी हिस्सा लेते हैं। इससे लोगों में पुलिस और एडमिनिस्ट्रेशन के प्रति सुरक्षा और भरोसा पैदा होता है। पीस कमेटी की मीटिंग रेगुलर होती थीं। सभी कम्युनिटी के लोग आते थे। सबकी प्रॉब्लम सुनी जाती थीं और उन्हें सॉल्व किया जाता था। जब सब एक साथ बैठकर उन पर चर्चा करते हैं, तो झगड़े या प्रॉब्लम की कोई गुंजाइश नहीं रहती।"

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें