एसआईआर फॉर्म भरने की अंतिम तिथि में अब केवल एक सप्ताह बचा है, ऐसे में बीएलओ से बात करने पर उन्होंने बताया कि कई तरह की समस्याओं के कारण वे न तो लिस्ट से नाम काट पा रहे हैं और न ही सही तरीके से एसआईआर फॉर्म भरवा पा रहे हैं। बीएलओ मेनका पांडे, गढ़वासी टोला ने बताया कि जब बीएलओ उनके पते पर पहुंचते हैं तो घर पर ताला बंद मिलता है, इस वजह से सत्यापन का कार्य रुक रहा है। साथ ही, प्रिंटेड लिस्ट में पते की गड़बड़ी के कारण बीएलओ सही घर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। नकाश निवासी मोहम्मद वाजिद ने बताया कि उनके घर में 16 लोग रहते हैं, लेकिन फॉर्म केवल 5 लोगों के ही आ रहे हैं। गढ़वासी टोला निवासी अजय मोहले ने बताया कि उनकी बेटी का मकान नंबर सही है, लेकिन पूरा पता गलत रूप से राज मंदिर का दर्ज हो गया है। बीएलओ भी ठीक से सहयोग नहीं कर रहे हैं, और क्षेत्रीय पार्षद से शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। ऐसी समस्या और भी कई वार्ड में सुनने को मिली। इसके अलावा, कई घरों में वे लड़कियाँ जो शादी करके दूसरे शहर से आई हैं, उनके एसआईआर फॉर्म भरने में दिक्कत हो रही है। उनसे मायके से माता पिता का 2003 का एपिक नंबर माँगा जा रहा है, जो बीएलओ के पास उपलब्ध नहीं है। इस कारण ससुराल में रह रही लड़कियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीएलओ का कहना है कि उनका काम अभी केवल 30 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है और पार्टी कार्यकर्ता तथा क्षेत्रीय पार्षद भी मदद में लगे हुए हैं।