सिद्ध चक्र पाठ के आखिरी दिन विश्व कल्याण की कामना हेतु जैन समाज ने भगवान को अर्पित किया 1008 बदाम। सैकड़ों की संख्या में नारियल। जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पारसनाथ की जन्मस्थली में पिछले 8 दिनों से चल रहा सिद्ध चक्र पाठ रविवार को 1008 बादाम और सैकड़ो की संख्या में नारियल अर्पित करने के साथ समाप्त हो गया। इस अवसर पर का श्री दिगंबर जैन समाज काशी के उपाध्यक्ष श्री राकेश जैन ने बताया कि प्रत्येक दिन सैकड़ो की संख्या में दिगंबर जैन श्रद्धालुओं द्वारा शुद्ध किए हुए केसरिया पोशाक में भगवान की पूजन आराधना की जाती है ।