कथावाचक पं. प्रदीप मिश्र ने कहा कि सुगर, बीपी और खून नापने की मशीन आती है लेकिन भगवान के प्रति आपका कितना प्रेम है इसको नापने की कोई मशीन नहीं आती है। मन रूपी कुर्सी को साफ कर लीजिए, क्योंकि बाबा को बिठाना यहीं है। पार्वती ने शंकरजी से पूछा कि प्रभु आप असल में रहते कहां हैं। शिवजी ने जवाब दिया कि जो अपने मन को पवित्र करके मुझे दिल से निमंत्रण दे और दिल से एक लोटा जल समर्पित कर देता है मैं उसके हृदय में जाकर विराजमान हो जाता हूं। शिव को कहीं पर भी ढूंढ लो, शिव को पाने की कोई जगह है तो वह भक्त का हृदय है।