छत्रपति शिवाजी महाराज की ओर से स्थापित बिंदुमाधव मंदिर में कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी यानी वैकुंठ चतुर्दशी के दिन भगवान बिंदुमाधव का हरि-हर शृंगार हुआ। इस दौरान बिंदुमाधव को चढ़ी तुलसी बाबा विश्वनाथ को और बाबा को चढ़ी बेलपत्र बिंदुमाधव को अर्पित की गई। मंगला और मक्खन आरती के बाद हरि-हर भेंट का शृंगार हुआ। पंचगंगा घाट स्थित बिंदु माधव मंदिर के प्रधान अर्चक आचार्य मुरलीधर गणेश पटवर्धन ने बताया कि वैकुंठ चतुर्दशी पर मंगलवार को प्रतिदिन की भांति मंगला व मक्खन आरती के बाद हरि-हर भेंट का शृंगार हुआ। यानी भगवान के आधे शरीर में विष्णु का शृंगार व आधे शरीर में शिव का शृंगार हुआ। विष्णु को श्रीखंड व शिव को भांग का लेपन हुआ। भक्तों ने वैकुंठ चतुर्दशी के निमित्त 1008 बैकुंठ बाती जलाईं। इस अवसर पर अच्युत पटवर्धन, संतोष सोलापुरकर, स्वप्निल पाठक, दिनेश श्रीवास्तव, संजय ब्रह्में, सुहास कापशे रहे।