काशी के न्यायाधीश के तिलक की शोभायात्रा में काशी उमड़ पड़ी। नाचते-गाते तिलकहरूओं की टोली जब निकली तो हर काशीवासी शोभायात्रा से जुड़ते चले गए। ढाई किलोमीटर लंबी शोभायात्रा में सजे-धजे लाग विमान के साथ हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हुए भक्तों की टोली भी चल रही थी। मध्यरात्रि तक हुए अनुष्ठान के दौरान बाबा लाटभैरव के भाल तिलक लगने के साथ ही तीन दिवसीय उत्सव की शुरुआत हो गई। रविवार की शाम को बाबा लाट भैरव के विवाहोत्सव का शुभारंभ तिलकोत्सव शोभायात्रा के साथ हो गया। विवाह की शहनाई से पूर्व बाबा के ललाट पर रोली की लालिमा सुशोभित हो गई।