श्री काशी विश्वनाथ धाम में विशेष पूजा एवं आरती का आयोजन किया गया। आज की यह विशेष पूजा श्री हरि भगवान विष्णु के समस्त प्रधान विग्रह पर की गयी। इस दौरान भक्तों ने जयकारा लगाया। बताते चलें कि बैकुंठ चतुर्दशी कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है, जिसे विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा एवं आराधना का दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की योग निद्रा समाप्त होती है और वे बैकुंठ लोक से जागकर सृष्टि की गतिविधियों में सक्रिय हो जाते हैं। इस दिन की पूजा और आराधना से व्यक्ति के जीवन में शांति, समृद्धि, और सुख-शांति की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से भगवान विष्णु की कृपा से भक्त को बैकुंठ लोक की प्राप्ति हेतु श्री हरि के भक्त आराधना करते हैं। आज के इस पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्री हरि विष्णु के समस्त प्रधान विग्रहों पर विशिष्ट पूजन कार्यक्रम का आयोजन हुआ।