वाराणसी के चोलापुर क्षेत्र के अमरपट्टी गांव में नवरात्रि के दूसरे दिन शुक्रवार को वैष्णो कुटिया में आयोजित वार्षिक श्रृंगार उत्सव के दौरान विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। कराहा पूजन के तहत खौलते दूध से स्नान का अनूठा दृश्य देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरा परिसर भक्ति और आस्था में सराबोर रहा। नवरात्रि के दूसरे दिन आयोजित इस कार्यक्रम में पारंपरिक कराहा पूजन किया गया, जो क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक परंपराओं में शामिल है। मान्यता है कि यह अनुष्ठान भक्तों की अटूट श्रद्धा और माता के प्रति समर्पण का प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान “जय माता दी” के जयकारों से पूरा वातावरण गूंजता रहा और श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। इस दौरान मंदिर के पुजारी शंभू भगत और उनके पुत्र अमरदेव यादव पारंपरिक वेशभूषा में अनुष्ठान करते दिखे। शंभू भगत सफेद धोती और अमरदेव यादव लाल धोती में थे। दोनों ने खौलते दूध से स्नान कर आस्था का अद्भुत प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। सुबह करीब 9 बजे 201 महिलाओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली। महिलाएं पारंपरिक परिधान में सिर पर कलश रखकर पूरे गांव में भ्रमण करती हुई मंदिर पहुंचीं। इसके बाद माता वैष्णो का विधि-विधान से अभिषेक किया गया। माता को दूध के पांच घड़ों से स्नान कराकर विशेष श्रृंगार किया गया। पूरे दिन मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, जगराता और विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।