संत रविदास की जयंती के लिए उनकी जन्मस्थली सज-संवर कर तैयार हो चुकी है। सजावट के साथ ही देश-विदेश से आने वाले अनुयायियों के लिए भी मुकम्मल व्यवस्था की गई है। 10 हजार से अधिक सेवादार पूरी व्यवस्था को संभाले हुए हैं। सुबह से रात तक लंगर चल रहा है।
6 September 2026
5 September 2026
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