शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि १०२ साल पहले हिजरी महीने शव्वाल के ८ तारीख को सऊदी सरकार या आले सऊद द्वारा मदीना के जन्नतुल बक़ी नामक स्थान पे बीबी फातमा और चार इमामों का रौजा मिसमार किया गया था। तभी से आज तक इसका विरोध जारी है । वाराणसी में काली महल मस्जिद से अलम का एहतेजाजी जुलूस अंजुमन हैदरी चौक के ज़ेरे इंतेज़ाम उठाया गया। ये जुलूस नई सड़क, दालमंडी, चौक, मैदागिन, विशेश्वरगंज से होकर शिया जामा मस्जिद दारा नगर पहुंचा। यहां पर जलसे का आयोजन हुआ।