एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया (एएसआई) के यूपी चैप्टर के सम्मेलन का शनिवार को उद्घाटन हुआ। देश-विदेश से आए सर्जन ने तकनीक से सर्जरी और इससे जुड़े बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। बातचीत में एएसआई के अध्यक्ष डॉ. प्रोबल नियोगी ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी की ओर डॉक्टरों का झुकाव बढ़ता जा रहा है। हालांकि, जहां रोबोटिक सर्जरी बहुत जरूरी न हो, इससे बचना चाहिए। यह सर्जरी बहुत महंगी होती है। आईएमएस बीएचयू के केएन उडुप्पा सभागार में डॉ. प्रोबल ने कहा कि जहां रोबोटिक सर्जरी से मरीजों को लाभ हो, वहां सर्जन को इस विधि से सर्जरी का सुझाव देना चाहिए। गॉल ब्लैडर की रोबोटिक सर्जरी में तीन लाख तक लग जाएंगे, वहीं लेप्रोस्कोपी से 40 हजार में काम जाएगा। पेल्विस, प्रोस्टेट में रोबोट सर्जरी ज्यादा उपयोगी है। ब्रेस्ट कैंसर में पहले पूरा ब्रेस्ट ही निकालना पड़ता था, अब केवल गांठ अलग किया जाता है। इस तरह के सम्मेलन में सर्जरी की इन्हीं विधियों पर चर्चा की जाती है।