सैयां भए कोतवाल, अब डर काहे का... की कहावत उप-सूचना निदेशक कार्यालय के चपरासी पर सटीक बैठती है। दानगंज निवासी चपरासी अपनी बाइक पर मोटे अक्षरों में सूचना विभाग लिखवाकर चल रहा है। मजे की बात यह भी है कि वह इसी बाइक से दूध भी ढोता है। बाइक पर दूध की बाल्टी रखने वाला स्टैंड भी लगा हुआ है। पूछे जाने पर वह टालमटोल करने लगा। उप-सूचना निदेशक कार्यालय का चपरासी का भौकाल ऐसा है कि उसे हेलमेट लगाने की भी जरूरत नहीं पड़ती। बाइक पर लिखा हुआ सूचना विभाग ही काफी हो जाता है, अपनी धौंस जमाने के लिए।