वाराणसी में गंगा दशहरा के अवसर पर काशी के नाविक समाज ने मां गंगा का अवतरण दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। इस दौरान नारियल, चुनरी, माला, फूल, दशहरी आम और 51 दीप अर्पित कर मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नाविक समाज के लोग मौजूद रहे। मां गंगा निषाद राज सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार निषाद गुरु ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मां गंगा केवल नाविक समाज ही नहीं, बल्कि समस्त जीव-जंतुओं और मानव जीवन की पालनहार हैं। उन्होंने कहा कि मां गंगा के पवित्र जल से लोगों की आस्था जुड़ी हुई है और यह देशवासियों के जीवन का आधार है। उन्होंने बताया कि पौराणिक मान्यता के अनुसार राजा भगीरथ के कठोर तप और प्रयास से मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं। मां गंगा के तीव्र वेग को नियंत्रित करने के लिए भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में धारण किया था। तभी से मां गंगा जीवनदायिनी के रूप में समस्त मानव समाज का कल्याण कर रही हैं। कार्यक्रम में मां गंगा की आरती और दीपदान किया गया। श्रद्धालुओं ने मां गंगा से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। आयोजन में संरक्षक लक्ष्मण मांझी, अधिवक्ता शिव कुमार निषाद, महानगर अध्यक्ष निषाद पार्टी दुर्गा मांझी, मोनू सहानी, राम किशन मांझी, प्रकाश साहनी, गोविंद साहनी, चंदन निषाद, संतोष साहनी, राजेश साहनी, सोनू साहनी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।