काशी की प्राचीन नृसिंह लीला शनिवार को क्षीरसागर की झांकी से शुरू हुई। प्रह्लादघाट पर झांकी के दर्शन के लिए देर रात तक लीलाप्रेमियों की भीड़ उमड़ी रही। भगवान विष्णु के जयघोष से घाट गूंजता रहा। क्षीर सागर की झांकी और जय-विजय के श्राप का मंचन हुआ। श्रद्धालु देख भाव विभोर हो गए। नृसिंह रामायण से लीला का मंचन हुआ। चार से पांच पीढि़यों के पात्रों ने क्षीरसागर की झांकी सजाई।