काशी में मां गंगा के तट के साथ ही भगवान शिव-पार्वती के परिवार की भी प्रमुखता से मान्यता है। इसी कारण से गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रथम पूज्य गणेश जी की आरती और पूजन का आयोजन शनिवार सुबह किया गया। नमामि गंगे की ओर से भगवान श्री गणेश की विधि- विधान से पूजा की गई।