पांच दिनों तक काशीवासियों को दर्शन देने के बाद लालबाग के राजा को बुधवार को विदाई दी गई। 1700 मीटर लंबी विसर्जन शोभायात्रा के दौरान काशी में मराठी रंगत नजर आई। गणपति बप्पा मोरया... का जयघोष करते हुए भक्तों की टोली साथ-साथ चल रही थी। लक्ष्मीकुंड में विसर्जन के साथ ही प्रथम पूज्य को अगले साल फिर से आने का न्योता दिया गया।