जीएसटी स्लैब में हुए बदलाव से औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन की रफ्तार बढ़ेगी। हालांकि, रॉ मैटेरियल के दाम में कमी होनी चाहिए। कच्चे माल और तैयार उत्पाद पर एक समान जीएसटी भी लगनी चाहिए। यह भी सरकार को देखना होगा कि जीएसटी में कटौती हुई तो कंपनियां उत्पादों के दाम न बढ़ाएं। जीएसटी दर में कमी के चलते पितृपक्ष में भी ऑटोमोबाइल सेक्टर भी रफ्तार भरने लगा है।