काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव का सवा लाख रुद्राक्ष से श्रृंगार और अन्नकूट महोत्सव सोमवार को किया गया। मंदिर परिसर भी रुद्राक्ष से सजाया गया था। भक्तों में काफी उत्साह देखने को मिला। पुजारी वैभव दुबे ने बताया कि बाबा काल भैरव का यह वार्षिक श्रृंगार काशी की प्राचीन परंपराओं में विशेष महत्व रखता है। भैरव स्वयं रुद्राक्ष धारण करते हैं। श्रृंगार के बाद जो रुद्राक्ष भक्तों को प्रसाद के रूप में प्राप्त होता है, उसका विशेष आध्यात्मिक महत्व है। मान्यता है कि प्रसाद रूप में प्राप्त रुद्राक्ष को पानी में डालकर रखने से भगवान काल भैरव की कृपा से जीवन की नकारात्मक शक्तियां और काल बाधाएं दूर होती हैं। इसी आस्था के चलते देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन और प्रसाद प्राप्त करने के लिए मंदिर पहुंचे हैं।