दीपावली का पर्व नजदीक आते ही स्कूल कॉलेजों में सोमवार को दीपोत्सव को मिट्टी के दीए जलाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं ने पोस्टर एवं रंग बिरंगे दीए बनाकर लोगों को जागरूक किया गया। इस क्रम में गोसाईपुर मोहांव स्थित डॉ घनश्याम सिंह कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन के गृहविज्ञान की छात्राओं ने दीए जलाकर मनाये दीपावली सबके घरों में लाये खुशहाली जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर छात्राओं ने सुंदर रंगोली बनाकर हाथ से बनाये रंग बिरंगे दीयों एवं पोस्टर के माध्यम से लोगों को इस दीवाली मिट्टी के दीए जलाकर इको फ्रेंडली दीपवाली मनाने के लिए जागरूक किया। प्रिया पटेल ,तनुश्री, शिखा, अंकिता, मुस्कान, नैंसी, ज्योति पाठक, आश्मा यादव सहित 40 छात्राओं ने देश की संस्कृति पर न करो आघात, मिट्टी के दीए से लाओ दिवाली का प्रभात, मिट्टी में जीवन अपना प्रकृति को संजोये रखना जैसे संदेशों से इस दीवाली मिट्टी के दीए का प्रयोग करने के लिए लोगों को जागरूक किया जिससे जरूरतमंद दीए बनाने वालों के घर भी खुशियों से रोशन हो सके। कार्यक्रम का शुभारम्भ महाविद्यालय के प्रबंधक नागेश्वर सिंह एवं प्रशासक संजीव सिंह ने दीप प्रज्जवलन कर किया। इस अवसर पर प्रबंधक नागेश्वर सिंह ने छात्राओं के इस जागरूकता कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि हमारे भीतर जो अज्ञान का तमस छाया हुआ है। वह ज्ञान के प्रकाश से ही मिट सकता है। ज्ञान दुनिया का सबसे बड़ा प्रकाश दीप है। जब ज्ञान का दीप जलता है, तब भीतर और बाहर दोनों आलोकित हो जाते हैं। अंधकार का साम्राज्य स्वत: समाप्त हो जाता है। ज्ञान के प्रकाश की आवश्यकता केवल भीतर के अंधकार मोह-मूर्छा को मिटाने के लिए ही नहीं, अपितु लोभ और आसक्ति के परिणामस्वरूप खड़ी हुई पर्यावरण प्रदूषण और अनैतिकता जैसी बाहरी समस्याओं को सुलझाने के लिए भी जरूरी है।