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चिता भस्म से होली खेलने के बाद घर कैसे जाएंगे

Aman Vishwakarma Updated Thu, 26 Feb 2026 06:58 PM IST

प्रो. चंद्रमौलि उपाध्याय ने कहा कि श्मशान में क्रंदन है, रुदन है। वहां हुड़दंग करेंगे हम। चिता की राख को गंगा में प्रवाहित किया जाता है। मुर्दे की भस्म से कहीं पूजा नहीं होती। मैं उज्जैन में यही पता करने गया। महाकालेश्वर मंदिर समिति से बात की तो उन्होंने बताया कि उपले की राख से आरती होती है। खुद सोचिए कि चिता की भस्म से होली खेलेंगे, उसे घर कैसे लेकर जाएंगे। मिट्टी से भी होकर आते हैं कि घर में शुद्ध होकर घर में जाते हैं। यह परंपरा नहीं हैं। यह सामाजिक दृष्टिकोण से भी ठीक नहीं है। भस्म से होली खेलना ठीक नहीं है, आपको बंद नहीं करना है तो भस्म से लोगों को तिलक कर दीजिए, वह घर जाएं।

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