युवा कथक डांसर आशीष सिंह 'नृत्य मंजरी दास' पंडित छन्नूलाल मिश्र के निधन पर काफी भावुक हुए। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को गुरुजी की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए। उनके गायन में एक कसक थी, जो लोगों को आकर्षित करता था। पंडित छन्नूलाल का पूरा जीवन संगीत की विधा को विश्वपटल पर पहुंचाने में लगा रहा। यह कार्य उन्होंने किया भी है। आज देश ही नहीं पूरे विश्व में लोग गुरुजी को जानती है। संगीत कार्यक्रमों के माध्यम से उनका सानिध्य प्राप्त होता रहता था, जो आजीवन याद रहेगा।