काशीपुराधिश्वरी के महाव्रत की शुरूआत मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष पंचमी सोमवार से हो गई है। इसके साथ ही मां का धागा लेकर श्रद्धालुओं ने 17 दिनों का व्रत आरंभ किया। वहीं पूर्वांचल के किसानों ने मां अन्नपूर्णा को अपनी पहली फसल अर्पित किए। 17 वर्षों का व्रत पूर्ण करने वाले श्रद्धालु 17 दिनों का व्रत रखने के बाद मां की परिक्रमा करके सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।