गंगा निर्मलीकरण के आवाह्न के साथ बुधवार को नमामि गंगे और नगर निगम के संयुक्त प्रयास से बूंदी परकोटा से गोलाघाट तक गंगा तट पर पड़े मृत जानवरों को निस्तारित किया गया। गंगा सेवक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने नगर निगम टीम के साथ मिलकर बूंदी परकोटा से गोलाघाट के मध्य गंगा में बहकर आए मरे हुए पशुओं के शव को हटाया। शीतला घाट पर गंगा किनारे मृत पड़ी बकरी एवं अन्य जानवरों को गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने स्वयं अपने हाथों से हटाकर गंगा निर्मलीकरण का आवाह्न किया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि नगर निगम और नमामि गंगे के अभूतपूर्व प्रयासों से गंगा तट साफ-सुथरा नजर आ रहा है। नित्य चार प्रहर की जा रही स्वच्छता से गंगा घाटों की रौनक देखते ही बनती है। आध्यात्मिकता से ओतप्रोत घाटों की सीढ़िया पर रंग-रोगन और दीवारों पर भारतीय संस्कृति की तस्वीर उकेर कर स्वच्छता का पैगाम दिया जा रहा है। नागरिकों से आग्रह है कि मृत जानवरों को गंगा किनारे न विसर्जित करें। देश दुनिया के लाखों श्रद्धालु और पर्यटक हमारी काशी के घाटों पर विचरण कर रहे हैं। गंगा और उनके घाटों की स्वच्छता की जिम्मेदारी सामूहिक रूप से प्रत्येक नागरिक को उठानी होगी। स्वच्छता के दौरान नगर निगम के सुपरवाइजर दीपक यादव, संतोष कल्लू एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।