सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित प्रकृति से संतुलन साधने के महापर्व चैती छठ पर नमामि गंगे व राम नारायण सेवा संस्थान ने अहिल्याबाई घाट पर सर्वशक्तिशाली भगवान सूर्य की उपासना करके जनमानस से प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण की गुहार लगाई। चैती सूर्यषष्ठी लोकपर्व पर समस्त विश्व को जागृति देने वाले सूर्यदेव, छठ माता व मां गंगा की आरती उतार कर भारतवर्ष के लिए खुशहाली की कामना की। उगते सूरज को अर्ध्य देकर प्रकृति के सम्मान व सामाजिक समरसता का पाठ पढ़ाते चैती छठ उत्सव पर जल स्रोतों के संरक्षण की अपील की गई। पूजन के बाद अहिल्याबाई घाट पर स्वच्छता अभियान चला। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि प्रकृति की उपासना का यह पर्व हमें प्राकृतिक चेतना, जल स्रोतों व जैव विविधता का संरक्षण, कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन एवं जन समुदाय की एकता का संदेश देता है। राम नारायण सेवा संस्थान के आचार्य वेंकटेश शर्मा ने कहा कि सूर्य षष्ठी ( छठ ) लोकदृष्टि की प्रसन्नता और मन के अंतर्मिलन का श्रेष्ठ रूपक है।