भगवान बुद्ध के प्रथम धर्म उपदेश स्थली वैशाख पूर्णिमा के पूर्व संध्या मूलगंधकुटी बौद्ध मंदिर में विशेष पूजा पाठ का आयोजन कर शुभारंभ किया गया। भिक्षु सीलवंश व भिक्षु चंदिमा के नेतृत्व में धर्म चक्र प्रवर्तन मुद्रा में बैठे भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष बौद्ध भिक्षुओं ने रविवार की शाम 6:00 बजे से 7:30 तक विश्व शांति के लिए धम्म चक्क पवत्तन सुत्त पाठ किया। पूजा समाप्त करने के बाद बौद्ध भिक्षु मंदिर प्रवेश द्वार पर दीप प्रज्वलित किए। वहीं पूरी मंदिर प्रांगण को बिजली के रंग बिरंगे झालरो व पंचशील के झंडों से सजाया गया है। भन्ते चंदीमा ने बताया कि सोमवार की सुबह 8:00 बजे से खीर दान के बाद से वैशाख पूर्णिमा को बौद्ध परंपरा अनुसार मनाया जाएगा।