नवसाधना कला केंद्र के कलासाधकों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। शास्त्रीय नृत्य भरतनाट्यम की प्रस्तुति संगीतमय पुष्पांजलि से हुई। इसके बाद साधकों ने राग यमुना कल्याणी, ताल में प्रो. बी राममूर्ति राव के संयोजन में सरस्वती भजन नाचत नाचत आई सरस्वती, गावत गावत सुमधुर गान.... पर नृत्यांगनाओं ने पल्लवी, अनुपल्लवी, मुत्तई स्वरम्, चित्तई स्वरम्, चरणम् को प्रस्तुत किया। अगली कड़ी में नृत्यांगनाओं ने सुब्रमण्यम अय्यर के संगीत व कला क्षेत्र की डॉ. विद्यालक्ष्मी के नृत्य संयोजन में निबद्ध पल्लवी, अनुपल्लवी और चरणम् के साथ तिल्लाना प्रस्तुत किया। बीपीए के नृत्य साधकों ने आनंद तांडव नृत्य प्रस्तुत कर बुराई पर अच्छाई की जीत और ईसा के पुनरुत्थान के दृष्टांत को प्रस्तुत कर भक्ति की धारा बहाई।