मां अन्नपूर्णा मंदिर में तीन दिवसीय कुंभाभिषेक वार्षिकोत्सव के तीसरे दिन बुधवार को पाठ पूर्णाहुति, चतुर्वेद पारायण, हवन और मंडलाभिषेक किया गया। माता अन्नपूर्णा देवी के पुन: प्राण प्रतिष्ठा के वर्ष पूर्ति के अवसर पर विशेष पूजन हुआ। श्रृंगेरी शंकराचार्य श्री श्री भारती तीर्थ स्वामी और उनके उत्तराधिकारी शिष्य विधु शेखर भारती स्वामी महाराज के आशीर्वाद से विशेष पूजन हुआ। जिसमें गणपति पूजन, पुण्यावाचन, कलातत्व आवाहन, कला तत्व हवन, श्री अन्नपूर्णा मूल मंत्र हवन, महापुर्णाहुति, पंचामृत स्नान, कला तत्व कलश से अन्नपूर्णा देवी का अभिषेक और राजोपचार पूजन यह आयोजन 26 जनवरी से 21 ब्राह्मणों द्वारा सत चंडी पाठ के साथ शुरू हुआ था। इस दौरान महंत शंकर पुरी महाराज ने संकल्प लिया और शतचंडी पाठ गूंज उठा। पूरे मंदिर परिसर को झालरों व विभिन्न प्रकार के फूलों से सजाया गया।